आचार संहिता विशेष अनुमति दिवंगत श्रमिकों के लिए 30-30 लाख रूपए

रायपुर : केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने की घोषणा : भिलाई संयंत्र हादसे के पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि और नौकरी
चुनाव की आचार संहिता को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग से विशेष अनुमति
दिवंगत श्रमिकों के लिए 30-30 लाख रूपए, गंभीर घायलों के लिए 15-15 लाख रूपए और सामान्य घायलों के लिए दो-दो लाख रूपए
इसके अलावा उनके आर्थिक सत्वों के रूप में 33 लाख से 95 लाख रूपए तक होगा भुगतान

रायपुर 10 अक्टूबर 2018 केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने भिलाई इस्पात संयंत्र के हादसे में मारे गए श्रमिकों के परिवारों को अनुग्रह राशि के साथ उनमें से प्रत्येक परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी की व्यवस्था करने की भी घोषणा की।
श्री सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के राजस्व तथा आपदा प्रबंधन मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के साथ भिलाई नगर के सेक्टर-9 स्थित अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने कल के हादसे में घायल श्रमिकों की उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि हादसे में ग्यारह लोगों की मृत्यु हुई है। पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए हमने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की आचार संहिता को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग से विशेष अनुमति ली है। उन्होंने बताया कि मृतक श्रमिकों के लिए अनुग्रह राशि 25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रूपए कर दी गई है। गंभीर घायल श्रमिकों के लिए यह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख और सामान्य घायलों के लिए दो लाख रूपए होगी। इसके अलावा मृतकों के परिवार अगर चाहें तो अपने दिवंगत सदस्य की रिटायटमेंट की अवधि तक उन्हें वेतन भी दिया जाता रहेगा। और वे अगर चाहेंगे कि उनके लिए रोजगार की व्यवस्था हो तो वैसी व्यवस्था की जाएगी। चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि जिन श्रमिकों की मृत्यु हुई है उनके आर्थिक सत्वों का भुगतान भी जल्द किया जाएगा। इसमें उनके परिवारों को 33 लाख से लेकर 95 लाख रूपए तक राशि मिलेगी। हादसे में स्थायी अपंगता के शिकार होने पर उस श्रमिक के परिवार के एक सदस्य के लिए भी रोजगार की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने कहा- हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सत्वों के भुगतान की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, ताकि यह राशि संकट की इस घड़ी में उनके काम आ सके। उन्होंने यह भी बताया कि घटना की जांच दो उच्च स्तरीय समितियों द्वारा की जाएगी। इनमें से एक भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) की आंतरिक समिति है, जिसका गठन किया जा चुका है और यह समिति सात दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। दूसरी समिति इस्पात मंत्रालय के सचिव द्वारा घटित की जाएगी। दोनों समितियों में विशेषज्ञों को भी रखा जाएगा। चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने आज ही भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य कार्यकारी (सी.ई.ओ) को काम-काज से अलग कर दिया है और आज ही उनके स्थान पर नई नियुक्ति कर दी जाएगी, वहीं दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलम्बित भी किया गया है, जिनमें महाप्रबंधक (सुरक्षा) और उप महाप्रबंधक (ऊर्जा) शामिल हैं।