कोरबा न सहेलियों का साथ छूटा न स्कूल का

सरस्वती साइकिल योजना से पूरी हो गई तीन सहेलियों की तमन्ना : अब अपने पैरों पर होना चाहती हैं खड़े
कोरबा 9 सितंबर 2018 – एक ही गांव में पली-बढ़ी अश्विनी, नीतू और निशा बचपन से ही एक दूसरे को जानती हैं। खेल-खेल में बड़ी होने के साथ इनकी दोस्ती और भी मजबूत होती चली गई। गांव में ही मिडिल स्कूल थी। साथ-साथ स्कूल जाने, घर आने और समय मिलने पर खेलने-कूूदने से लेकर हर सुख-दुख में तीनों का साथ होता था। समय के साथ मिडिल स्कूल की पढ़ाई खत्म हुई। हाई स्कूल गांव से दूर था, तीनों सहेलियों के घर वाले भी गरीब परिवार से थे।

वे अपनी लड़कियों को गांव से लगभग 6 किलोमीटर दूर के स्कूल में भेजें या न भेंजे यह परिवार वालों के लिए एक चुनौती बन गई थी। इधर अब तक एक साथ रहकर पढ़ाई एवं सुख-दुख में साथ देने वाली तीनों सहेलियों को भी डर सताने लगा कि कहीं उनकी पढ़ाई न छूट जाए फिर तो घर में ही रहना पड़ेगा और सहेलियो से ज्यादा बातचीत भी नही ंहो पायेगी। इसी दौरान छात्राओं को मिडिल स्कूल के शिक्षकों और गांव के कुछ दूसरी छात्राओं से मालूम हुआ कि हाई स्कूल में उन्हे निःशुल्क में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना से साइकिल मिलेगी। इस साइकिल से वे आसानी से गांव से स्कूल तक आना जाना कर सकती हैं। निःशुल्क साइकिल मिलने की जानकारी लगते ही तीनों सहेलियों का मानो भाग्य खुल गया, उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।

उन्होंने फौरन ही अपने माता-पिता को बोलकर हाई स्कूल में दाखिला करवाया। आखिरकार कुछ दिन बाद तीनों सहेलियों को साइकिल मिल गई तो सबने मुख्यमंत्री को ऐसी योजना शुरू करने पर बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। आज तीनों सहेलियां अश्विरी पटेल, निशा आर्मो और नीतू नेटी कक्षा 11 वीं में पढ़ाई करती हैंें। वे एक साथ स्कूल जाती हैं। बाजार सहित अन्य कामों में सरस्वती साइकिल योजना से मिली साइकिल बहुत काम आती है। वे कहती हैं कि शुक्र है सरस्वती साइकिल योजना थी, जिससे किसी सहेलियों का साथ नहीं छूटा। अब वे भी अपनी पढ़ाई पूरा कर अपने पैरों पर खड़ी होंगी।

पाली विकासखंड के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला निवासी अश्विनी पटेल, नीतू नेटी और निशा आर्मों कक्षा 11 वीं कला संकाय में पढ़ाई करने प्रतिदिन 06 किलोमीटर दूर ग्राम बक्साही के हायर सेकेण्डरी स्कूल जाती हैं। इन्होनें बताया कि वे बचपन से एक दूसरे को अच्छे से जानती समझती हैं। एक साथ स्कूल जाना उन्हें न सिर्फ बहुत अच्छा लगता है, आपस में बातचीत करते-करते दूरी का पता ही नहीं चलता है। इन्होंने बतायाा कि मुख्यमंत्री सरस्वती सायकल योजना हम जैसे गरीब छात्राओं के लिए बहुत बड़ा वरदान है। इससे न सिर्फ पढ़ाई पूरी होगी, हम अपने पैरों पर खड़े भी हो सकते हैं।

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