गांधी जी पर आधारित वृत्त चित्र को उत्साह से देखा

राजभवन में आयोजित प्रदर्शनी देखने दूसरे दिन भी तांता : आम जनता ने जाना महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के विशेष क्षण : गांधी जी पर आधारित वृत्त चित्र को उत्साह से देखा
गांधी जी के लिखे गए पत्र और भाषणों की प्रतिलिपि में दिखाई रूचि

रायपुर, 03 अक्टूबर 2018 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गांधी दर्शन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी देखने वालों का तांता दूसरे दिन भी जारी रहा। लोगों ने उत्साह के साथ प्रदर्शनी के विभिन्न हिस्सों को देखा।

प्रदर्शनी देखने आए लोगों ने गांधी जी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, जिसके अंतर्गत नमक आंदोलन, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन सहित अन्य छायाचित्रों को रूचि से देखा। रायपुर निवासी सुश्री निधि मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन के प्रारंभिक दिनों से अंतिम समय को छायाचित्र के माध्यम से देखना अच्छा महसूस हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि उन पर आधारित एक पूरी मूवी देख ली गई है। श्री शशिकिरण बंजारे ने बताया कि महात्मा गांधी के चार बच्चे थे, यह उन्हें आज पहली बार पता चला। गांधी जी के पोरबंदर स्थित निवास स्थान, दक्षिण अफ्रीका में अश्वेतों के लिए उनका संघर्ष छायाचित्रों के माध्यम से देखना एक अलग अनुभूति देता है।

प्रदर्शनी के दूसरे हिस्से में विशेष रूप से महात्मा गांधी के वर्ष 1933 में रायपुर आगमन, उनके द्वारा सप्रे शाला के मैदान में ली गई आम सभा, मोतीबाग में उद्घाटित स्वदेशी वस्त्रों की प्रदर्शनी और बिलासपुर, भाटापारा आगमन के छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें महात्मा गांधी द्वारा रायपुर निवासी श्री शालिगराम के पत्र की प्रतिलिपि भी शामिल है। इसे जानने के लिए लोगों में उत्साह बना रहा। भाटापारा शासकीय महाविद्यालय की छात्रा कु. रामकुमारी ध्रुव ने कहा कि उन्हें महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के बारे में जानकारी मिलने पर बड़ी खुशी हुई। गांधी जी भाटापारा में भी आये थे, इसकी जानकारी उसे इस प्रदर्शनी से मिली।
प्रदर्शनी में महात्मा गांधी के रायपुर के सप्रे शाला मैदान, राजकुमार कॉलेज, बिलासपुर एवं बलौदाबाजार में दिए गए भाषण की प्रतिलिपि भी प्रदर्शित की गई है। छात्र श्री लिलेश्वर कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा दिए गए भाषण की प्रतिलिपि प्रेरणादायी और अद्भुत संग्रह है।
इस हिस्से में महात्मा गांधी पर आधारित जारी किए डाक टिकट के संग्रह भी रखे गए हैं। गौरतलब है कि महात्मा गांधी पहले राजनेता हैं, जिन पर सारे विश्व में सबसे अधिक डाक टिकट जारी किए गए हैं। प्रदर्शनी में गांधी जी पर आधारित 200 साहित्य प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें भारत सरकार द्वारा प्रकाशित सम्पूर्ण गांधी वाड्मय और देश-विदेश के विभिन्न लेखकों द्वारा लिखित अन्य पुस्तकें शामिल हैं।
प्रदर्शनी में खादी ग्रामोद्योग द्वारा पारंपरिक एवं अंबर चरखा प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड की फैशन डिजाईनर द्वारा डिजाईन किए गए विभिन्न प्रकार के परिधान शामिल हैं।
इस प्रदर्शनी में स्वच्छ भारत मिशन के स्टॉल में छत्तीसगढ़ को खुले में शौचमुक्त करने के लिए किए गए विभिन्न प्रयास को विभिन्न पोस्टरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इससे संबंधित स्टॉल में छात्रों के मध्य यहां विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रथम बार राजभवन में तीन दिनों का ओपन हाउस रखा गया है, जो 04 अक्टूबर को भी जारी रहेगा। इस दौरान आम नागरिक महात्मा गांधी पर आधारित प्रदर्शनी को देखने के लिए आ सकते हैं।

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