गुजराती महिला समाज की राज्यपाल से सौजन्य भेंट

गुजराती समाज की महिलाएं प्रदेश में टी.बी. रोग नियंत्रण में सहयोग करें : राज्यपाल श्रीमती पटेल
रायपुर, 02 नवम्बर 2018 प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से गुजराती समाज की महिलाओं से प्रदेश में टीबी रोग नियंत्रण में सहयोग करने का आग्रह किया है। गुजराती समाज का महिला प्रतिनिधिमण्डल गत दिवस राजभवन में राज्यपाल से सौजन्य भेंट के लिए आया था। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि टीबी रोग का प्रमुख कारण विशेष कर बच्चों में पोषणयुक्त आहार की कमी है। यदि इन बच्चों को प्रोटीनयुक्त अच्छा भोजन मिले तो वे तीन-चार माह में ही इस रोग से उबर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी सम्पन्न परिवारों का दायित्व है कि हम ऐसे बच्चों को रोग से छुटकारा पाने में मदद करें। इसके लिए राज्यपाल ने अपने घर के आस-पास के टीबी ग्रस्त बच्चे की पहचान कर उन्हें पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाएं ऐसे एक बच्चे के लिए फल, चना, अन्य प्रोटीनयुक्त आहार उपलब्ध करा सकती है। उनके परिवारजनों से सप्ताह-पखवाड़े में एक बार मिलकर उस बच्चे की स्वास्थ्य की प्रगति की जानकारी ले सकती है। उन्हें स्वच्छता की समझाइश दे सकती है।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर उनके द्वारा इस दिशा में मध्यप्रदेश में किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी। वहां ऐसे प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में कॉलेजों में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए उनके द्वारा चलाये जा रहे अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इन छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण में एक बड़ी संख्या में छात्राओं का हीमोग्लोबिन प्रतिशत काफी कम पाया गया। अब इनके स्वास्थ्य सुधार के प्रयास किये जा रहे हैं। सालभर इन्हें पोषण युक्त आहार देकर पुनः स्वास्थ्य परीक्षण कराया जायेगा और इन छात्राओं के अभिभावकों को भी सलाह दी जायेगी।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उन्हें 6 से 8 नवंबर को ओपन हाउस के दौरान राजभवन भ्रमण का आमंत्रण दिया। उन्होंने प्रतिनिधिमण्डल को गुजरात में अपने मंत्रित्वकाल में सच्ची घटनाओं पर आधारित स्वलिखित 32 कहानियों की पुस्तक भी भेंट की।
राज्यपाल के आव्हान से प्रेरित होकर गुजराती समाज महिला प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से टीबी ग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सुधार के लिए गोद लेना स्वीकार किया। वे शीघ्र ही चयनित बच्चों की जानकारी राजभवन को प्रेषित करेंगी।
प्रतिनिधिमण्डल में गुजराती ब्रम्ह समाज की श्रीमती प्रेरणा भाटिया, खेड़ावाल समाज की श्रीमती राजलक्ष्मी सेलट और दीन दयाल उपाध्याय नगर रायपुर की गुजराती समाज की महिला प्रतिनिधि और समाज की अन्य महिलाएं शामिल थीं।