प्रधानमंत्री की ‘प्रगति’ के जरिए बातचीत, 29वीं बैठक की अध्‍यक्षता

26 SEP 2018 प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज प्रगति – आईसीटी आधारित प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्‍प्‍लीमेंटेशन के जरिए 29वीं बैठक की अध्‍यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों के समाधान में प्रगति की समीक्षा की। उन्‍हें हाल ही में इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के हस्‍तक्षेप सहित इस दिशा में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिए निकालना चाहिए। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि सेवा प्रदाताओं को उपभोक्‍ताओं को उच्‍च गुणवत्‍ता की सेवाएं मुहैया करानी चाहिए।

अब तक परियोजनाओं की समीक्षा के लिए ‘प्रगति’ की 28 बैठक हो चुकी हैं जिनमें कुल 11.75 लाख करोड़ के निवेश हुए। दूरसंचार क्षेत्र में जन शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की गई।

‘प्रगति’ की बैठक में प्रधानमंत्री ने रेलवे, शहरी विकास, सड़क, ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में 8 महत्‍वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं उत्‍तर प्रदेश, जम्‍मू एवं कश्‍मीर, हरियाणा, गुजरात, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्‍यों में चल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्‍याण योजना’ खासकर जिला खनिज फाउंडेशन की कार्यप्रणाली में प्रगति की समीक्षा की। खनिज संपदा से संपूर्ण कई जिलों में संसाधनों की उपलब्‍धता पर जोर देते हुए उन्‍होंने केन्‍द्र और राज्‍य स्‍तर के अधिकारियों से लोगों के जीवन स्‍तर में गुणात्‍मक सुधार लाने में फंड का इस्‍तेमाल करने और इन जिलों में लोगों के सहज जीवन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्‍होंने यह भी कहा कि इन जिलों में आकांक्षी जिलों को शामिल करने का यह एक सुअवसर भी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडलीय आर्थिक समिति ने पटना हवाई अड्डे पर 1,216.90 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से नया घरेलू टर्मिनल भवन तथा संबंधित अवसंरचना के निर्माण को अपनी स्‍वीकृति दे दी है।

प्रभाव:

नया टर्मिनल भवन बनने के बाद हवाई अड्डे की यात्री क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 4.5 मिलियन हो जाएगी। अभी हवाई अड्डे की यात्री क्षमता प्रतिवर्ष 0.7 मिलियन है। नया टर्मिनल भवन 65,155 वर्ग मीटर का होगा जिसमें 18,650 वर्गमीटर क्षेत्र भूतल होगा। इस भवन को विश्‍व स्‍तरीय यात्रा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। नया टर्मिनल भवन बनने से पटना क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे अतिरिक्‍त रोजगार सृजन होगा। इस परियोजना के साथ बिहार के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हुई हैं।

यह परियोजना प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के लिए घोषित पैकेज का अंग है।

पृष्‍ठभूमि:

बिहार का पटना हवाई अड्डा पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख हवाई अड्डों में एक है। हवाई अड्डे का वर्तमान टर्मिनल भवन दो मंजिला पुराना ढांचा है और इसका उपयोग क्षमता से चार गुणा अधिक किया जा रहा है। सरकार को बिहार सरकार तथा बिहार की जनता की ओर से वर्तमान हवाई अड्डे को नया रूप देने और विस्‍तार करने के बारे में अनेक अनुरोध प्राप्‍त हुए। पटना हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल भवन बनाना तथा संबंधित ढांचा निर्माण करना आवश्‍यक हो गया था, क्‍योंकि पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्‍या काफी बढ़ी है।

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