बाल दिवस के अवसर पर स्कूलों में विशेष कानूनी साक्षरता शिविरों का आयोजन

बिलासपुर 14 नवंबर 2018 माननीय न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा, कार्यपालक अध्यक्ष, छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 नवम्बर ‘‘बाल दिवस’’ के अवसर पर छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा नगर के स्कूलों में ‘‘विशेष कानूनी साक्षरता शिविरों’’ का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में छात्राओं के लिए आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को सम्बोधित करते हुए श्री विवेक कुमार तिवारी, सदस्य सचिव, छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस शाला में लीगल लिटेªसी क्लब की स्थापना की गई है। इस क्लब के माध्यम से छात्राओं में कानूनी जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। इस तरह के आयोजन करने से छात्राओं का ज्ञान बढ़ता है। छात्राओं को यहां से उनके मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है और जब उसका उल्लंघन होता है तो किस तरह कार्यवाही करना है इसकी जानकारी उन्हें प्राप्त होती है।

श्री तिवारी ने कहा कि यह देखा गया है कि जहां पर लोग अशिक्षित होते हैं उनका शोषण और उनके साथ ज्यादा अपराध घटित होते है। इसलिए कानूनी रूप से जागरूक होने से अन्याय एवं अपराध कम होते हैं। किसी भी प्रकार का अपराध घटित होने पर उसकी एफआईआर पुलिस में जरूर करानी चाहिए। कई बार पुलिस स्टेशन में एफआईआर लिखने से इंकार कर दिया जाता है ऐसे समय में न्यायालय की शरण लेकर न्यायालय के माध्यम से एफआईआर कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आजकल सभी परिवार में टूव्हीलर होते हैं और बच्चे वाहन चलाना प्रारंभ कर देते हैं। वाहन चलाने के पहले इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वाहन का इंश्योरेंस है की नहीं और वाहन चलाने वाले व्यक्ति के पास लायसेंस है या नहीं। यदि वाहन चलाते समय किसी प्रकार की दुर्घटना हो जाती है तो क्षतिपूर्ति के रूप में काफी बड़ी राशि देने का आदेश न्यायालय कर सकता है यदि वाहन का इंश्योरेंस है तो यह राशि का भुगतान बीमा कंपनी के द्वारा किया जाता है और यदि इंश्योरेंस नहीं है तो वाहन के मालिक को इसका भुगतान करना पड़ता है। इसी प्रकार आजकल सभी के पास मोबाईल होता है और वे मोबाईल में इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इंटरनेट के माध्यम से अच्छी शैक्षणिक जानकारी तो प्राप्त होती ही है साथ ही अवांछनीय जानकारी के कारण हमे नुकसान होना पड़ता है और इसके इस्तेमाल में असावधानी से कोई भी व्यक्ति आपके मोबाईल के माध्यम से कोई मैसेज आदि भेजकर आपका कानूनी रूप से समस्या में डाल सकता है। इस कारण इसका उपयोग दूरभाष के रूप में तथा शैक्षणिक जानकारी के लिए ही किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम मे स्वागत भाषण उपप्राचार्य श्री कौशिक द्वारा दिया गया। श्री श्शशांक शेखर दुबे, विधिक सहायता अधिकारी ने बाल दिवस के संबंध में एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना एवं उसके कार्यो के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। आभार प्रदर्शन प्राध्यापक श्री चंदेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, शंकर नगर, शासकीय उ.मा.विद्यालय राजेन्द्र नगर में भी विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में उप सचिव छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री दिग्विजय सिंह, अवर सचिव श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव, श्री विश्वभूषण मिश्र विधिक सहायता अधिकारी द्वारा छात्रों को विधिक जानकारी प्रदान की गई।

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