मिनीमाता सम्मान के लिए 30 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

प्रदेश शासन द्वारा मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान) के लिए विभिन्न वर्गों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं से आवेदन 30 सितम्बर तक आमंत्रित किये गये हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सम्मान महिलाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

इसके तहत किसी एक महिला अथवा संस्था को दो लाख रूपए की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के तौर पर दिये जाने का प्रावधान है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संयुक्त जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 79 में स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है।
मिनी माता, जिन्होंने माता शब्द में निहित भावार्थ को सही मायनों में अपने कर्म से सार्थक किया है, तथा आम जनों को अपने नाम के अनुरूप मातृत्व की छाया प्रदान की। समय और परिस्थिति के अनुरूप कठोर और

साहसिक निर्णय लेने की क्षमता, कथनी और करनी में एकरूपता, ईमानदारी और संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी मिनीमाता ने छत्तीसगढ़ में लोगों को सम्मानपूर्वक जीने का रास्ता दिखाया। सन् 1952 से 1972 तक वे सांरगढ़, जांजगीर व महासमुंद क्षेत्र का प्रतिनिधित्व लोकसभा में करती रही। उनके सम्मान में छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिला उत्थान के क्षेत्र में कार्यरत मूल निवासी महिलाओं / संस्थाओं के लिए ‘मिनी माता सम्मान’ स्थापित किया है। यह सम्मान प्रतिवर्ष दिया जाता है। इसके अंतर्गत 2.00 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान की जाती है। यह सम्मान सन् 2001 से प्रारंभ किया गया है। इस पुरस्कार के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विज्ञापन प्रसारित कर आवेदन आमंत्रित किया जाता है। आवेदन प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में प्रतिवर्ष विज्ञापन प्रकाशित करवाकर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती है।

मिनी माता सम्मान 2001

वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुश्री बिन्नी बाई सोनकर को असहाय, उपेक्षित और विषम परिस्थितियों में निर्वाह करने वाले लोगों की सहायता करने, सामुदायिक आवास का निर्माण करने, उनकी उन्नति में सतत् प्रयत्नशील रहने, समाज सेवी प्रवृत्ति विशेषकर महिलाओं के प्रति गहरी संवेदनशीलता, उत्कर्ष की भावना और अथक प्रयास के लिए महिला उत्थान के मिनी सम्मान से सादर विभूषित किया गया।

मिनीमाता सम्मान 2002

1 नेशनल एसोसिएशन फार द ब्लाइंड (प्रेरणा) रायपुर को दृष्टिबाधित बालिकाओं के उत्थान के क्षेत्र में निरंतर प्रयत्नशील रहने, उन्हे निःशुल्क आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वावलंबी बनाने एवं सहायक सेवाएं देने, तथा ब्रेल लिपि में साहित्य उपलब्ध कराने, तकनीकी शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्र मों के संचालन करने के लिए मिनीमाता सम्मान से विभूषित किया गया।
2 विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एंड सर्विस ववेकानंद (विश्वास विश्वास), नारायणपुर, बस्तर, को दुर्गम जनजातीय क्षेत्र अबूझमाड़ की महिलाओं के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन करने, जनजातीय क्षेत्र में महिलाओं को चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मिनीमाता सम्मान से विभूषित किया गया।

मिनी माता सम्मान ( महिला उत्थान) वर्ष 2004

अशासकीय संस्था महिला मंच रायपुर संस्था को छत्तीसगढ़ में महिलाओं एवं बच्चों के विकास, महिलाओं को सतत् प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार दिलाने, महिला स्वसहायता समूह गठित कर उन्हें आय उपार्जन गतिविधियों से जोड़ने, महिलाओं को साक्षर बनाने, स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित करने जैसे महिलाओं के उत्थान की दिशा में सतत् प्रयत्नशील रहने के लिए मिनी माता सम्मान से विभूषित किया गया।

श्रीमती फूलबासन बाई यादव, जिला-राजनांदगांव को समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, ग्रामीण महिलाओं में जागृति लाने, ग्रामों में स्वच्छता का वातावरण निर्मित करने, नशाबंदी, रक्तदान हेतु प्रेरित करने, निर्धन बच्चों को गोद लेकर उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराने, इत्यादि महिला उत्थान की गतिविधियों हेतु मिनीमाता सम्मान से विभूषित किया गया।

मिनी माता सम्मान ( महिला उत्थान) वर्ष 2005

कु.अंजनी सिरमौर्या, ग्राम केकराजबोड़ जिला राजनांदगांव को बाल विवाह की रोकथाम में उनके सक्रिय योगदान, सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध वातावरण निर्माण में उनके सहयोग व सक्रिय भागीदारी, किशोरी बालिकाओं को संगठित कर उन्हें जागरूक बनाने व सामाजिक गतिविधियों में उनकी सकारात्मक भागीदारी को प्रोत्साहित करने, स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता के क्षेत्र में प्रचार-प्रसार व अन्य सामाजिक कार्यो में सक्रिय भागीदारी के लिये मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) से विभूषित किया गया।

स्वयंसेवी संस्था ‘‘गृहणी” हिरमी जिला रायपुर को महिलाओं के सशक्तिकरण में सक्रिय योगदान, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत् प्रयास करने, महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लिये उनकी उल्लेखनीय भूमिका, महिलाओं को संगठित कर समूह गठित करने व उन्हें सशक्त बनाने में उनकी सक्रिय भागीदारी एवं महिलाओं को जागरूक एवं सजग बनाने में इनके सहयोग के लिये मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) से विभूषित किया गया।

मिनी माता सम्मान वर्ष 2010-11

राज्य शासन द्वारा महिलाओं विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक महिलाओं के उत्थान हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की एक महिला प्रशासकीय संस्था को मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) प्रदान किया जाता है । इसके तहत 2.00 लाख रूपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र सम्मान के रूप में प्रदान किया जाता है । वर्ष 2010-11 में अमृता बारले भिलाई जिला-दुर्ग को यह पुरस्कार दिया गया ।

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