विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक, शिल्पकारों की तारीफ

राज्यपाल श्रीमती पटेल से भारतीय रेडक्रास सोसायटी छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष ने सौजन्य मुलाकात की
रायपुर, 13 सितंबर 2018 – राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन से पटेल आज यहां राजभवन में भारतीय रेडक्रास सोसायटी छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष श्री अशोक अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश में रेडक्रास सोसायटी की गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के सचिव श्री प्रणव सिंह भी उपस्थित थे।

सामाजिक परिवर्तन के संवाहक बनें विश्वविद्यालय : राज्यपाल श्रीमती पटेल
विश्वविद्यालयों के नैक मूल्यांकन में सुधार हेतु बनेगी विशेषज्ञ समिति
विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक हुई

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय सामाजिक परिवर्तन के संवाहक बनें। विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने के साथ ही समाज के प्रति अपने दायित्व भी निभाएं। समाज में व्याप्त कुप्रथाओं, कुरीतियों को दूर करने की दिशा में भी प्रयास करें। श्रीमती पटेल ने उक्त उद्गार आज यहां राजभवन में विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे। समन्वय समिति ने प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने एवं विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालयों के नैक एक्रेडिटेशन मूल्यांकन में सुधार लाने के लिए सुझाव देने हेतु विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय अगले दो वर्ष के लिए इस प्रकार की रणनीति तैयार करें कि उन्हें नैक मूल्यांकन में ‘ए प्लस’ ग्रेड मिले। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा जो शोध किये जाते हैं, उसके निष्कर्ष से सरकार को भी अवगत कराएं ताकि आम जनता के हित में इसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को परंपरागत विषयों के अलावा शासन की योजनाओं का समाज में पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर शोध करना चाहिए और उनका मूल्यांकन कर शासन को प्रतिवेदन दे ताकि योजनाओं में आवश्यक बदलाव कर अंतिम व्यक्ति तक शतप्रतिशत लाभ पहुंच सके।

राज्यपाल ने कहा कि कुलपति अपने संबद्ध महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण करें और विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए लघु अवधि के वोकेशनल पाठ्यक्रम शुरू किये जाएं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सबसे अधिक समस्या कुपोषण की है। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में अध्ययनरत बेटियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। किसी प्रकार की कमी पाई जाने पर उन्हें सुझाव भी दें। गर्भावस्था के दौरान बरतने वाली सावधानियों आदि के बारे में भी बताएं, ताकि वे अच्छी मां बन सके और भविष्य में स्वस्थ बच्चों को जन्म दे। इसके साथ संगीत का गर्भावस्था के दौरान प्रभाव, गर्भसंस्कार आदि विषयों पर शोध करें और इसके महत्व के बारे में समाज को जानकारी प्रदान करें। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच आपस में भी एक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, जिससे उन्हें अच्छे से अच्छा कार्य करने की प्रेरणा मिले।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्यपाल द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को सराहनीय बताया और कहा कि इसे प्रदेश में लागू किये जाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। राज्य शासन उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय एवं कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि हेमचंद यादव दुर्ग विश्वविद्यालय में बी.ए.बी.एड. और बी.एस.सी.बी.एड. का चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम, पोष्ट ग्रेजुएट इन रिहेबिलिटेशन सॉयकोलॉजी, सरगुजा विश्वविद्यालय में बी.ए.एल.एल.बी., बी.बी.ए.एल.एल.बी पाठ्यक्रम, बस्तर विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लिकेशन, मास्टर ऑफ साइंस इन इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी पाठयक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। बैठक में सुझाव दिया गया कि बी.कॉम, बी.एड. के एकीकृत पाठ्यक्रम के लिए भी एन.सी.टी.ई. को प्रस्ताव भेजे जाएं। बनारस विश्वविद्यालय के प्रो. श्री आलोक राय ने विश्वविद्यालयों के नैक मूल्यांकन में ग्रेडिंग में सुधार लाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए और इससे संबंधित एक प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, विधि विभाग के प्रमुख सचिव श्री रविशंकर शर्मा, राज्यपाल के सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल, विधि सलाहकार श्री एन. के. चन्द्रवंशी, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, तकनीकी शिक्षा की विशेष सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी., समस्त विश्वविद्यालय के कुलपति, विशेषज्ञ श्री आलोक राय और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने छत्तीसगढ़ शिल्पकारों की प्रतिभा और उनके कलाा-कौशल की तारीफ की है। राज्यपाल से आज यहां राजभवन में प्रदेश के अनेक वरिष्ठ और प्रसिद्ध शिल्पकारों ने सौजन्य मुलाकात की, जिनमें मूर्तिकार सर्वश्री अंकुश देवांगन, पूर्णानंद साहू, ओंकार साहू, युगलकिशोर साहू और पीलू राम साहू सहित लोक गायिका सुश्री रूपा साहू और फाइन आर्ट के श्री डी.एस. विद्यार्थी शामिल थे।